सर्वप्रथम आप सब लोगों को गणतंत्र दिवस के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं 26 जनवरी का दिन हर भारत वासी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता आ रहा है आज में रिपब्लिक डे ( republic day ) के उपलक्ष में कुछ कविताएं प्रस्तुत कर रहा हूं ।
{tocify} $title={Table of Contents}
Republic poems in hindi
झंडा तिरंगा लहराएं आज,
गणतंत्र दिवस मनाएं आज ।
तोरण-पताके सजे स्कूलों में,
गीत देशभक्ति के गाएं आज।
देश की खातिर दी जान जिन्होंने,
वीर शहीदों की जय गाएं आज।
लेकर तिरंगा हाथों में,
नारे देशभक्ति के लगाएं आज।
poems on republic day
छब्बीस जनवरी दिन गौरवशाली
छब्बीस जनवरी फिर है आई।
मन में नई उमंगें लाई।
फिर तिरंगा लहराएगा।
विश्व-गगन पर छा जाएगा।
देंगे इसको लोग सलामी।
हो जाएगी भोर सुहानी।
याद करेंगे गौरव-गाथा |
रावी तट पर प्रण किया था।
'पूर्ण स्वराज्य लक्ष्य हमारा।'
सब लोगों का बना था नारा।
देश में हुए फिर कई आंदोलन।
आगे-आगे थे नेतागण ।
हमने झेली हर कठिनाई।
तब जाकर आजादी पाई।
फिर हमने संविधान बनाया।
छब्बीस जनवरी को अपनाया।
छब्बीस जनवरी दिन गौरवशाली।
इस दिन की है बात निराली।
republic day poems
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए।
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी,
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए।
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में,
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए।
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए।
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।
-दुष्यंत कुमार
poems on republic day in hindi
मस्जिदों में मन्नत मांगता हिन्दू और दिवाली मनाता मुसलमान देखना तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना
शायद तुम समझ ना पाओ कभी मगर हर एक मुल्क की जबान देखना तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना
कभी अपने अपने महल छोड़ कर रास्तों पर बिछे वो नंगे मकान देखना तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना
जब करना चाहो फर्क अपने और दूसरों में, तब
तुम्हारे लिए बर्फ में पड़ा कोई लहूलुहान देखना
तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना
सिमेंट के मकान में कैसे देखोगे इतिहास को?
गावों-खेतों की मिट्टी पर बनी हर दास्तान देखना
तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना
जब डगमगाए दिल एक रंग चुनने के लिए, तब
ता- आसमान लहराता तिरंगे का निशान देखना
तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना
हो कभी गलतफहमी की बिखरा पड़ा है वतन तब तुम में जितनी भी बची हो, वो जान देखना तुम कभी ऐसा भी हिन्दुस्तान देखना !
republic day hindi poems
प्यारा प्यारा मेरा देश,
सबसे न्यारा मेरा देशा
दुनिया जिस पर गर्व करे,
ऐसा सितारा मेरा देशा चांदी सोना मेरा देश.
सफल सलोना मेरा देशा
गंगा जमुना की माला का,
फूलों वाला मेरा देशा आगे जाए मेरा देश,
नित नए मुस्काएं मेरा देशा
इतिहासों में बढ़ चढ़ कर.
नाम लिखायें मेरा देश !
26 January poem in hindi
आओ झुक कर सलाम करें उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होता है वो खून जो देश के काम आता है
Hi
ReplyDelete